यह शब्द जरूर सुना होगा आपने — वायरल। यह किसी व्यक्ति विशेष के बारे में समाज के कानों में पड़ने वाली प्रख्याति का दूसरा नाम है। ख्याति कैसे मिली, मायने यह नहीं रखता, बस वायरल होना चाहिए।
वायरल शब्द अच्छा भी है और बुरा भी। मेरे नजरिए से तो यह शब्द न होकर एक सोच बन गया है। आज हर कोई वायरल होना चाहता है। इसके लिए वह साम—दाम दण्ड और भेद चारों नीतियां अपनाकर वायरल होना चाहता है, बस वायरल।
इसके लिए मार्केट भी शुरू हो गया है, कोई वायरल बनाने का मार्केट चला रहा है तो कोई वायरल बनकर अपना मार्केट चला रहा है। बस वायरलिज्म होना ही आज की जरूरत बन गया है। हालांकि यह सभी की सोच वायरल नहीं है कुछ लोग दूसरोंं के वायरलिज्म को ही अपना फायदा बना लेते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे संभव है कि कोई दूसरोंं का वायरलिज्म अपने लिए कैसे उपयोग कर सकता है। बिल्कुल कर सकता है, बस इसके लिए जरूरत है, कुछ मूर्खों की। हमारे हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी कमी 'दिखावा' इसको पूरा कर देती है। नहीं समझे ! चलिए बताता हूं।
हमारे समाज में कोई छोटा आदमी कुछ अच्छा कहे तो हम उसे सीरियसली नहीं लेते लेकिन कोई वायरल आदमी, बड़ा आदमी, कोई विख्यात आदमी भले गलत कहे समाज उसे सही समझने लगता है। अगर कोर्इ सज्जन आदमी देशी वेश भूषा पहने, फटे पुराने कपड़े पहने तो हमारे समाज के लोग उसे पिछड़ा और भिखारी से अधिक कुछ नहीं समझते लेकिन अगर वही वेश भूषा कोई बड़ा आदमी, अमीर वर्ग धारण करे तो समाज बड़े गौर से, बड़ी गंभीरता से लेता है। आम आदमी को आज कोई नहीं सुनना चाहता, उसे कोई नहीं पसंद करता, उसे कोई नहीं देखता लेकिन अगर कोई वायरल है तो हर कोई काम छोड़कर उसे देखने चला आता है, बडी गंभीरता से सुनता है.... बस, इसी चीज का फायदा कुछ लोग उठाते हैं और दूसरों के वायरलिज्म का अपने लिए उपयोग करके माल कमाते हैं, और समाज के कुछ मूर्ख लोग पागलों की तरह बस उन्हें सुनते रहते हैं।
अब सोशल मीडिया की बात ही कर लीजिए। हमारे देश में ज्ञानियों की कमी नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर ज्ञान की जानकारी वायरल नहीं होगी बल्कि अमुक ने लाल ब्रा पहनी, अमुक ने लंदन में शॉपिंग की, अमुक ने वह शब्द बोल दिया, अमुक ने उस गाने पर बहुत अच्छा डांसस किया, अमुक के बच्चे की तबियत खराब हो गई, ऐसे पोस्ट आपको देखने में जरूर मिल जाएंगे। और समाज के लोग सोशल मीडिया पर ऐसे आत्मीयता दिखाते हैं जैसे मानवता की मूरत हों, भले ही उनके पड़ोसी ने मदद के लिए पुकारते पुकारते बीमारी से, भूख से, अभाव से दम तोड़ दिया हो।
कभी कभी मैं खुद को बहुत खुशनसीब समझता हूॅं क्योंकि मैं वायरल चीजों पर गौर नहीं करता, उन्हें जरा भी महत्व नहीं देता। हां, यह सही है कि इससे मेरे ज्ञान में थोड़ी सी कमी आती है पर मुझे यह ग्लानि नहीं होती कि मैंने दूसरों के दर्द को जानकर भी नजरअंदाज कर दिया। समाचार पढ़कर देश दुनिया की पीड़ा जानना मुझे नहीं आता, मैं बस यह कोशिश करता हूॅं कि मेरे आसपास जो हैं, उन्हें उस चीज का अभाव न हो जो मेरे पास है।
मैं वायरल नहीं हूॅं लेकिन मुझे यकीन है कि मैं किसी न किसी के लिए बहुत खास हूॅं। मैं न तो वायरल टॉपिक्स पर काम करता हूॅं और न ही वायरल होने की ख्वाहिश रखता हूॅं ... रही बात दूसरों के वायरलिज्म के फायदा उठाने की... तो .... जब मैं किसी वायरल के बारे में सुनता, देखता या पढ़ता ही नहीं तो उनको जानूंगा कैसे और कैसे उनसे फायदा उठाउंगा ...। मेरा काम वो बताना है जो मैं जानता हूॅं और जिसकी जरूरत आपको है।
अपने अनुभव और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर करने के लिए मैंने एक यू—ट्यूब चैनल बनाया है, जिस पर मैं समय—समय पर वीडियो लेकर आता हूॅं ... आप चाहें तो एक बार वहॉं जा सकते हैं और कुछ देख सकते हैं, नया सीख सकते हैं और कुछ पूछ भी सकते हैं .. मैं आपके प्रश्नों के उत्तर के लिए वीडियो बनाउंगा...। बस, टॉपिक वायरल न हो, यूजफुल हो।
वायरल शब्द अच्छा भी है और बुरा भी। मेरे नजरिए से तो यह शब्द न होकर एक सोच बन गया है। आज हर कोई वायरल होना चाहता है। इसके लिए वह साम—दाम दण्ड और भेद चारों नीतियां अपनाकर वायरल होना चाहता है, बस वायरल।
इसके लिए मार्केट भी शुरू हो गया है, कोई वायरल बनाने का मार्केट चला रहा है तो कोई वायरल बनकर अपना मार्केट चला रहा है। बस वायरलिज्म होना ही आज की जरूरत बन गया है। हालांकि यह सभी की सोच वायरल नहीं है कुछ लोग दूसरोंं के वायरलिज्म को ही अपना फायदा बना लेते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे संभव है कि कोई दूसरोंं का वायरलिज्म अपने लिए कैसे उपयोग कर सकता है। बिल्कुल कर सकता है, बस इसके लिए जरूरत है, कुछ मूर्खों की। हमारे हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी कमी 'दिखावा' इसको पूरा कर देती है। नहीं समझे ! चलिए बताता हूं।
हमारे समाज में कोई छोटा आदमी कुछ अच्छा कहे तो हम उसे सीरियसली नहीं लेते लेकिन कोई वायरल आदमी, बड़ा आदमी, कोई विख्यात आदमी भले गलत कहे समाज उसे सही समझने लगता है। अगर कोर्इ सज्जन आदमी देशी वेश भूषा पहने, फटे पुराने कपड़े पहने तो हमारे समाज के लोग उसे पिछड़ा और भिखारी से अधिक कुछ नहीं समझते लेकिन अगर वही वेश भूषा कोई बड़ा आदमी, अमीर वर्ग धारण करे तो समाज बड़े गौर से, बड़ी गंभीरता से लेता है। आम आदमी को आज कोई नहीं सुनना चाहता, उसे कोई नहीं पसंद करता, उसे कोई नहीं देखता लेकिन अगर कोई वायरल है तो हर कोई काम छोड़कर उसे देखने चला आता है, बडी गंभीरता से सुनता है.... बस, इसी चीज का फायदा कुछ लोग उठाते हैं और दूसरों के वायरलिज्म का अपने लिए उपयोग करके माल कमाते हैं, और समाज के कुछ मूर्ख लोग पागलों की तरह बस उन्हें सुनते रहते हैं।
अब सोशल मीडिया की बात ही कर लीजिए। हमारे देश में ज्ञानियों की कमी नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर ज्ञान की जानकारी वायरल नहीं होगी बल्कि अमुक ने लाल ब्रा पहनी, अमुक ने लंदन में शॉपिंग की, अमुक ने वह शब्द बोल दिया, अमुक ने उस गाने पर बहुत अच्छा डांसस किया, अमुक के बच्चे की तबियत खराब हो गई, ऐसे पोस्ट आपको देखने में जरूर मिल जाएंगे। और समाज के लोग सोशल मीडिया पर ऐसे आत्मीयता दिखाते हैं जैसे मानवता की मूरत हों, भले ही उनके पड़ोसी ने मदद के लिए पुकारते पुकारते बीमारी से, भूख से, अभाव से दम तोड़ दिया हो।
प्रसिद्ध लोग, जिनका नाम उनके लिए और दूसरों के लिए जीविका का आधार बन जाता है। ऐसे लोगों को पता भी नहीं होता कि उनके नाम से कौन—कौन अपनी रोजी—रोटी कमा रहा है।
कभी कभी मैं खुद को बहुत खुशनसीब समझता हूॅं क्योंकि मैं वायरल चीजों पर गौर नहीं करता, उन्हें जरा भी महत्व नहीं देता। हां, यह सही है कि इससे मेरे ज्ञान में थोड़ी सी कमी आती है पर मुझे यह ग्लानि नहीं होती कि मैंने दूसरों के दर्द को जानकर भी नजरअंदाज कर दिया। समाचार पढ़कर देश दुनिया की पीड़ा जानना मुझे नहीं आता, मैं बस यह कोशिश करता हूॅं कि मेरे आसपास जो हैं, उन्हें उस चीज का अभाव न हो जो मेरे पास है।
मैं वायरल नहीं हूॅं लेकिन मुझे यकीन है कि मैं किसी न किसी के लिए बहुत खास हूॅं। मैं न तो वायरल टॉपिक्स पर काम करता हूॅं और न ही वायरल होने की ख्वाहिश रखता हूॅं ... रही बात दूसरों के वायरलिज्म के फायदा उठाने की... तो .... जब मैं किसी वायरल के बारे में सुनता, देखता या पढ़ता ही नहीं तो उनको जानूंगा कैसे और कैसे उनसे फायदा उठाउंगा ...। मेरा काम वो बताना है जो मैं जानता हूॅं और जिसकी जरूरत आपको है।
अपने अनुभव और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर करने के लिए मैंने एक यू—ट्यूब चैनल बनाया है, जिस पर मैं समय—समय पर वीडियो लेकर आता हूॅं ... आप चाहें तो एक बार वहॉं जा सकते हैं और कुछ देख सकते हैं, नया सीख सकते हैं और कुछ पूछ भी सकते हैं .. मैं आपके प्रश्नों के उत्तर के लिए वीडियो बनाउंगा...। बस, टॉपिक वायरल न हो, यूजफुल हो।
