कई लोगों को लगता है कि भविष्य देखना अच्छा है इससे हमें आने वाली घटनाओं की जानकारी हो जाती है और हम सचेत हो जाते हैं लेकिन यह बिल्कुल गलत है क्योंकि जो हमारी किस्मत में लिखा है वह हमें जीना ही पड़ेगा । चाहे हम लाख कोशिश क्यों न कर लें, आने वाले कल को हम नहीं बदल सकते। हां, इतना जरूर है कि कुछ लोग संभल जाते हैं पर यह भी उतना ही सही है कि कई लोग आने वाले कल की चिंता में अपने आज को यूं ही बर्बाद करते रहते हैं। कल क्या होगा, यह हमें नहीं पता लेकिन आज हम क्या कर सकते हैं वह हम अच्छी तरह से जानते हैं और हर संभव प्रयास कर हम अपने आज को बेहतर बना सकते हैं।
यह एक नजरिया ही है तो हमें एक दूसरे से विभाजित करता है। हर इंसान अपने नजरिए से किसी चीज को देखता है और नजरिए के अनुसार ही वह उस चीज के गुण-दोष का आकलन करता है। पर यह बात सर्वथा सत्य है कि नजरिया हमारी सोच और शिक्षा के साथ साथ विवेक पर निर्भर करता है। हर चीज को हम तर्क की दृष्टि से नहीं देख सकते और न ही हर चीज पर हम आंख मूंदकर विश्वास कर सकते हैं। स्पष्ट कहा जाए तो हर चीज की सीमाएं हैं और एक मतलब होता है।
किसी के सदाचार को उसकी कमजोरी समझना, शक्ल से किसी इंसान के गुण दोष का निर्धारण करना, ये सब ऐसे काम हैं जो एक नजरिए में गलत ही होते हैं।
