Smile Please


माना जिन्‍दगी में बहुत से संघर्ष हैं पर इसका मतलब यह नहीं होता है कि समस्‍याएं आने पर हम रोना सा मुंह बनाए रखें। हमें हंसना और हंसाना चाहिए क्‍योंकि यही एक ऐसा उपहार है जो हम किसी को भी फ्री में दे सकते हैं। आप कल्‍पना कीजिए यदि किसी बगीचे में पौधों पर सूखे और मुरझाए से पुष्‍प हों तो क्‍या वह बगीचा आकर्षक लगेगा ? 

हमारी जिन्‍दगी भी कुछ ऐसी ही है। दर्द, समस्‍या और चिंताएं हर किसी को सताती हैं पर सबसे बेहतरीन जिन्‍दगी उसी की होती है जो इन सबके बावजूद हमेशा मुस्‍कुराता रहे। हमारा चेहरा हमारे शरीर का प्रतिनिधित्‍व करता है अगर हम इस पर बेकार के एक्‍प्रेशन बनाकर रखेंगे तो अनायास ही यह हमारी आदत में शामिल हो जाएगा और धीरे धीरे हमारे चेहरे से हंसी हमेशा के लिए गायब हो जाएगी। 

मुस्‍कराइए, और दूसरों को भी मुस्‍कराने के लिए प्रेरित कीजिए। जरूरी नहीं कि जब आप खुश हों, तभी मुस्‍कुराया जावे। हर पल बस अपने चेहरे और होठों पर स्‍माइल बनाने की कोशिश कीजिए । शुरू में आपको कठिन लगेगा लेकिन जैसे ही यह आपकी आदत में शामिल हो जाएगा, वैसे ही यह आपकी जिन्‍दगी का हिस्‍सा बन जाएगा और हर परिस्थिति में आपके चेहरे पर सिर्फ स्‍माइल ही रहेगी। 

शायद आपको पता नहीं पर स्‍माइल को देखकर कई लोगों को आशा और उत्‍साह मिलता है। एक स्‍माइल ही ऐसा तोहफा है जो आप अपने लिए और दूसरों के लिए भी बेहतरीन तरीके से बनाए रखते हैं। इसलिए हर पल कोशिश कीजिए कि आप मुस्‍कुरा सकें। जब और आपकी तरह कुछ लोग मुस्‍कुराकर निकलेंगे तो लोगों को लगेगा कि वह चिंताओं के बीच नहीं एक बेहतरीन और खुशहाल दुनिया में जी रह हैं। 
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